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अंधे कुएं का रहस्य बरकरार, शव निकाले जाने के बाद भी तैर रहे कई सवाल, क्या होगी पूरी घटना की जांच?

 अंधे कुएं का रहस्य बरकरार, शव निकाले जाने के बाद भी तैर रहे कई सवाल, क्या होगी पूरी घटना की जांच?


देर रात कार जप्ती के बाद, चंद कदम दूर कुए तक नही पहुंची पुलिस, तीन युवको की संदिग्ध मौत के मामले का रहस्य बरकरार 



शहडोल। जैतपुर थाना क्षेत्र के कमता मोड़ पर बीते मंगलवार को एक कुएं से तीन युवकों का रहस्यमयी  तरीके से शव मिलने का मामला उलझता हुआ नजर आ रहा है। क्योंकि पुलिस द्वारा इस घटना को लेकर बताईं जा रही कहानी न तो परिजनो के गले उतर रही है और न ही स्थानीय ग्रामीण इस पर विश्वास कर पा रहें है। वहीं पुलिस के आला अधिकारी एक मृतक के आपराधिक रिकार्ड का हवाला देते हुए उक्त मामले की हर पहलू से सूक्ष्मता से जांच कराए जाने की बात कह रहें है। घटना स्थल से रात्रि में आनन फ़ानन में केवल दुर्घटनाग्रस्त कार जप्त करके ले जाना और आसपास पुलिस द्वारा कार सवारो की पताज़ाजी के लिए कोई तलाशी न लेना कई सारे सवाल खड़े कर रहा है।

फिलहाल पुलिस द्वारा शुरू से ही इस घटना को सड़क हादसा बताया गया, लेकिन घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है। कई ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनका जवाब अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

पहचान पर उठे सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस ने कुएं से शव बाहर निकालने से पहले ही मृतकों की पहचान कैसे कर ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शवों का चेहरा साफ देखे बिना ही पुलिस ने नाम उजागर कर दिया गया था । ऐसी स्थिति में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या पहले से पुलिस को मृतकों के बारे में जानकारी हो गईं थी। और रात्रि में कार जप्ती के समय ही पुलिस को सारी जानकारी हो गईं थी?

आधी रात कार की जप्ती 

यह घटना रात्रि करीब तीन बजे के आसपास की बताईं जा रही है। लेकिन सुबह उजाला होने से पहले ही पुलिस द्वारा रात्रि में ही कार को जब्त कर थाने ले आया गया । ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा कि आखिर ऐसी भी क्या जल्दबाजी थी कि आधी रात को ही आनन फानन में कार को जप्त कर थाना लाना पड़ा। जबकि एक दो नही दर्जनों ऐसे मामले जिले में सामने आ चुके है ज़ब हादसे के बाद कई कई दिनों तक क्षति ग्रस्त वाहन घटना स्थल पर ही पड़े रहतें है।

वहीं मौके पर एक दूसरी किआ कंपनी की लग्जरी कार भी खड़ी मिली, जो लॉक थी। इस कार की मौजूदगी और उसके मालिक को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। वह कार किसकी थी और उसका मालिक कौन है, इसकी जांच करने की बात फिलहाल पुलिस कह रही है।

हादसे की थ्योरी पर संशय

बताया जा रहा है कि बिना नंबर की क्रेटा कार कमता मोड़ के पास पलटी थी, जबकि उससे महज 60 फीट दूरी पर वह कुआं स्थित है, जिसमे तीनो शव मिले है। सवाल यह है कि अगर कार सवार भागे, तो वे खेतों की ओर क्यों नहीं गए और सीधे कुएं की दिशा में कैसे पहुंचे। साथ ही, इतने बड़े हादसे के बावजूद कार के एयरबैग नहीं खुलना और दरवाजे का लॉक न होना भी संदेह पैदा करता है।

 साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा कि पुलिस के अनुसार कार सवार रात्रि में पुलिस को देखकर तेज रफ़्तार से कार लेकर भागने लगे और कार आगे मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गईं। ऐसे में क्या कार सवार तीनो युवको में से किसी को भी ज़रा सी चोट नही आई। कार सवार तीनो युवक एक-एक करके शकुशल कार से बाहर निकलकर दौड़ लगा दिए और कुएँ में गिरते चले गए। जिससे उनकी मौत हो गईं? पुलिस की यह कहानी समझ से परे और संदेह को जन्म देने वाली प्रतीत हो रही है। 

गाड़ी जप्ती के समय सर्चिंग नही?

साथ ही ज़ब रात्रि में गाड़ी दुर्घटना की जानकारी मातहतों से मिलने के बाद थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे तो क्या पुलिस ने आसपास कोई तलाशी नही ली। क्योंकि दुर्घटना ग्रस्त कार और उक्त कुएँ के बीच महज 50 से 69 फिट की ही दूरी थी। ऐसी स्थिति में कुएँ में गिरने के बाद अपने बचाव के लिए तीनो युवको ने कोई शोर और आवाज नही दी। और एक दम से एक साथ तीनो युवको की डूबने से मौत हो जाना भी संदेह को जन्म दे रहा है। क्या इनमे से किसी एक को भी तैरना नही आता था, इसे लेकर भी चर्चाए हो रही है।

 ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों पर सवाल 

जानकारी के अनुसार, डायल 112 को पहले कदौड़ी गांव में मारपीट की सूचना मिली थी। वहां से लौटने के बाद टीम अपने नोडल पॉइंट पर खड़ी रही, लेकिन अचानक बिना किसी इवेंट के कमता पहुंच गई। यह पहलू भी जांच का विषय है कि आखिर बिना किसी पवाइंट के पुलिसवाहन कमता गाँव कैसे पहुंच गया।

नकदी और बरामदगी पर विरोधाभास

सूत्रों का दावा है कि कार में गांजे के साथ लाखों रुपए नकद भी थे, लेकिन मौके से कोई नगदी बरामद नहीं बताई गई। बाद में थाना प्रभारी द्वारा मृतकों की जेब से एक लाख रुपए मिलने की बात कही गई, जिससे विरोधाभास और गहरा गया। जबकि देर शाम तक नकड़ रुपयों का कोई ज़िक्र सामने नही आया था लेकिन रात होते होते रुपए जप्ती की बात सामने आ गईं।

परिजनों का आरोप और बढ़ता आक्रोश

मृतकों की पहचान रोहित शर्मा, तनुज शुक्ला और सचिन सिंह बघेल के रूप में हुई है। पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। लिस्ट मार्टम के समय मौजूद एक महिला और एक अन्य युवक ने चीखते हुए आरोप लगाया कि टीआई ने तीनो की हत्या कराई है। बहरहाल यह बात सिर्फ अभी  आरोप तक ही सीमित है।

जारी है जांच 

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि तीनों मौतों के मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

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