भ्रष्टाचार पर ईओयू का बड़ा प्रहार: दरोगा अभिषेक रंजन के ठिकानों पर छापा, 50 करोड़ से अधिक संपत्ति का खुलासा
पटना। किशनगंज,सारण,आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई किशनगंज के नगर थानेदार (लाइन हाजिर) अभिषेक कुमार रंजन के खिलाफ की गई, जिन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है।
ईओयू की टीम ने पटना, किशनगंज और सारण जिले में कुल 5 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। छापेमारी के दौरान पटना के रामकृष्णानगर स्थित आवास, किशनगंज के सरकारी आवास और कार्यालय, तथा सारण जिले के पैतृक घर और उमानगर स्थित मकान की गहन तलाशी ली गई।
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2009 बैच के दरोगा अभिषेक रंजन ने महज 17 वर्षों की सेवा अवधि में 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी वैध आय से करीब 115.66 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। ईओयू के अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति के दस्तावेज, निवेश से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।
प्राथमिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अभिषेक रंजन के कथित तौर पर जमीन, बालू और शराब माफिया से संबंध रहे हैं। आरोप है कि इन अवैध नेटवर्क के साथ मिलीभगत कर उन्होंने भारी मात्रा में अवैध कमाई की और विभिन्न स्थानों पर संपत्ति खड़ी की।
इधर, विभागीय कार्रवाई के तहत किशनगंज पुलिस अधीक्षक ने 11 अप्रैल को अभिषेक रंजन को लाइन हाजिर कर दिया था। अब उनके निलंबन की प्रक्रिया लगभग तय मानी जा रही है।
सूत्रों की मानें तो इस मामले में कुछ अन्य पुलिस अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ईओयू ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा, जिससे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है और इससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

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