जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर कलेक्टर की सख्ती, कहा—सफाई से लेकर मरीजों की जांच रिपोर्ट तक कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं
शहडोल । जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने बुधवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के अचानक अस्पताल पहुंचते ही विभिन्न वार्डों और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति की पड़ताल शुरू हुई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं सुविधाएं मिलना सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि जिला चिकित्सालय को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के लिए नियमित साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष, मेल एवं फीमेल मेडिकल व सर्जिकल वार्ड, स्टोर रूम, आर्थोपेडिक वार्ड, व्यसन उपचार कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, एसएनसीयू, कंगारू केयर वार्ड, वर्ल्ड बैंक एवं पैथालॉजी सेंटर, डायलिसिस कक्ष, प्रायवेट वार्ड तथा नेत्र वार्ड का निरीक्षण किया।
मरीजों से सीधे जाना इलाज और सुविधाओं का हाल
कलेक्टर ने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, उपचार और अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। डायलिसिस कक्ष के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 70 मरीज पंजीकृत हैं और सभी मरीजों के लिए टर्न निर्धारित किए गए हैं। प्रतिदिन 3 से 4 मरीजों की डायलिसिस की जाती है। आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जबकि अन्य मरीजों से 500 रुपये शुल्क लिया जाता है।
अस्पताल में ही बनेंगे आभा और आयुष्मान कार्ड
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन मरीजों की आभा आईडी नहीं बनी है, उनके लिए जिला चिकित्सालय में ही आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले मरीजों के आयुष्मान कार्ड भी अस्पताल में ही बनाए जाएं, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को अनावश्यक रूप से बाहर न भटकना पड़े और पात्र मरीज शासन की आयुष्मान योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
ब्लड टेस्ट की ऑनलाइन जानकारी लेकर मरीजों से फोन पर की पुष्टि
ब्लड बैंक के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ब्लड टेस्ट से संबंधित व्यवस्थाओं और रिपोर्ट की जानकारी ली। उन्होंने अपने समक्ष ऑनलाइन दर्ज डाटा खुलवाकर दूरभाष के माध्यम से मरीजों से सीधे ब्लड टेस्ट की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों की जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए और किसी भी मरीज की रिपोर्ट अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश
कलेक्टर श्री जायसवाल ने कहा कि जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुविधाओं एवं संसाधनों के प्रस्ताव तैयार कर मध्यप्रदेश शासन को भेजे जाएं। उन्होंने रोगी कल्याण समिति में उपलब्ध राशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और मरीजों की सुविधा बढ़ाने में करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ, प्रबंधक पूजा सोनी, डीपीएम मनोज द्विवेदी सहित अन्य चिकित्सक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर पार्थ जायसवाल के लगातार औचक निरीक्षण और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की पड़ताल से प्रशासनिक अमले में कसावट नजर आ रही है। वे विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को मौके पर परखते हुए अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग कर रहे हैं। जिला चिकित्सालय का यह निरीक्षण भी इसी प्रशासनिक सक्रियता की कड़ी माना जा रहा है, जहां उन्होंने केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा ही नहीं की, बल्कि मरीजों से सीधे बात कर अस्पताल की सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया।


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