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नौकरी दिलाने की जांच में ‘सेटिंग’ का खेल: एएसआई 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार”

 नौकरी दिलाने की जांच में ‘सेटिंग’ का खेल: एएसआई 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार”


सिवनी। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना में पदस्थ एएसआई दिनेश रघुवंशी को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई बुधवार, 13 मई 2026 को शहर के बस स्टैंड क्षेत्र स्थित एक पान की दुकान के पास की गई। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।


जानकारी के अनुसार, फरियादी नंदकिशोर चौरसिया ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे और साले से एफसीआई बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब ₹29 लाख की ठगी की गई थी। इस मामले की जांच कोतवाली थाना में पदस्थ एएसआई दिनेश रघुवंशी कर रहे थे।

आरोप है कि एएसआई ने मामले की विवेचना अपने पक्ष में करने, हैंडराइटिंग रिपोर्ट अनुकूल बनवाने तथा उचित कार्रवाई करने के बदले फरियादी से ₹30,000 रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरे मामले का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।

इसके बाद जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने डीएसपी नीतू त्रिपाठी के नेतृत्व में ट्रैप योजना तैयार की। तय योजना के तहत फरियादी को रिश्वत की पहली किश्त ₹20,000 लेकर एएसआई के पास भेजा गया। जैसे ही एएसआई ने पैसे लिए, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।

कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की राशि भी बरामद की। आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं, पुलिस विभाग में एक बार फिर रिश्वतखोरी के मामलों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

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