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बंजर भूमि बनी वरदान, कुटकी और आम की खेती से बदली भगत सिंह की तकदीर

 बंजर भूमि बनी वरदान, कुटकी और आम की खेती से बदली भगत सिंह की तकदीर





 मंडला । कहावत है कि जहाँ चाह है, वहाँ राह है। इसे सच कर दिखाया है मंडला जिले के विकासखण्ड मंडला के ग्राम पौंड़ीमाल के प्रगतिशील कृषक श्री भगत सिंह वरकड़े ने। उन्होंने न केवल अपनी पड़त (बंजर) पड़ी भूमि को उपजाऊ बनाया, बल्कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आज वे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक मिसाल बन गए हैं।

 श्री भगत सिंह बताते हैं कि उनके पास 1.00 हेक्टेयर ऐसी पड़त भूमि थी, जिस पर वे कोई खेती नहीं करते थे। उनका मानना था कि इस ऊबड़-खाबड़ भूमि को खेती योग्य बनाने में भारी खर्च आएगा, जिसे वहन करने में वे असमर्थ थे। ऐसे में भूमि खाली पड़ी रहती थी।

 तभी कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें इस भूमि पर कोदो-कुटकी की फसल लेने की सलाह दी। विभाग द्वारा उन्हें 1.00 हेक्टेयर के लिए 12 किलोग्राम कुटकी का बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया गया।

 श्री भगत सिंह ने जब कुटकी की बुआई की, तो उन्हें इसके परिणाम चौंकाने वाले मिले। श्री भगत सिंह कहते हैं कि धान की तुलना में कुटकी की खेती में बहुत कम खर्च आया। कीट एवं बीमारियों का प्रकोप न होने के कारण कीटनाशकों का खर्च बच गया। बाजार में कुटकी के दाम धान की अपेक्षा अधिक मिले, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

 श्री भगत सिंह की सफलता केवल कुटकी तक सीमित नहीं रही। वर्ष 2011 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने आम का बगीचा लगाया। आज वे हर साल जून माह में भोपाल में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय आम मेले में अपनी उपज का विक्रय करते हैं। साथ ही स्थानीय बाजार में भी आम बेचकर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। वर्तमान में वे मूंगफली की फसल भी ले रहे हैं।

 श्री भगत सिंह ने बताया कि मेरे परिवार में 7 सदस्य है जिसमें पति-पत्नी, 3 बेटे, पुत्रवधु और नाती शामिल है। श्री भगत सिंह के परिवार में अब आर्थिक स्थिरता आई है। कृषि विभाग के सहयोग से उन्होंने सिंचाई के लिए मोटर पंप भी क्रय किया है। उनकी वार्षिक आय अब 50 हजार रुपये से अधिक हो गई है।

 श्री भगत सिंह ने कहते है कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी उनका परिवार आगे बढ़ रहा है। मेरे दो बेटों ने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। तीसरा बेटा जिसने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की है, वर्तमान में डिंडोरी में कोदो-कुटकी कंपनी में कार्यरत है। इस योजना से लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।


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