हेलमेट नहीं तो एंट्री नहीं! कलेक्टर का सख्त आदेश—वाहन चेकिंग तेज, उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
शहडोल जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई अहम और कड़े फैसले लिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में नियमित रूप से वाहनों की सघन चेकिंग की जाए और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
सबसे अहम निर्देश यह रहा कि अब शासकीय कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। जो कर्मचारी हेलमेट के बिना कार्यालय पहुंचेंगे, उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस आदेश से सरकारी दफ्तरों में भी सड़क सुरक्षा के प्रति अनुशासन लागू करने की पहल की गई है।
कलेक्टर ने परिवहन विभाग और पुलिस को निर्देशित किया कि दोपहिया वाहन पंजीयन के समय हेलमेट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही वाहन शोरूम संचालकों को भी जिम्मेदारी दी गई कि वे हर वाहन के साथ हेलमेट अनिवार्य रूप से दें।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कलेक्टर ने मुख्य मार्गों से निराश्रित पशुओं को हटाकर उन्हें गौशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर रेडियम स्टिकर, संकेतक बोर्ड और रम्बल स्ट्रिप लगाने के निर्देश भी दिए गए।
रीवा-शहडोल-अमरकंटक स्टेट हाईवे के संवेदनशील स्थानों—सोन नदी पुल (दियापीपर), केशवाही मोड़, श्रीवास्तव चौक, एमपीटी होटल ब्यौहारी, बुढ़वा मोड़ और करकी पेट्रोल पंप के पास विशेष सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। इसके अलावा शहडोल बायपास ओवरब्रिज का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ, परिवहन अधिकारी, नगर पालिका अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि अब सड़क सुरक्षा नियमों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


0 Comments