“कुपोषण मुक्त शहडोल की ओर कदम: 8वें पोषण पखवाड़ा में जागरूकता की लहर”
“ शहडोल । कुपोषण को जड़ से मिटाना है, सुपोषण की लहर लाना है” के संकल्प के साथ शहडोल जिले में 8वें पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाना तथा संतुलित आहार के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।
पोषण पखवाड़ा के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्रों, ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें गर्भवती एवं धात्री माताओं को पौष्टिक आहार, स्तनपान के महत्व, एनीमिया से बचाव तथा बच्चों के समुचित विकास से संबंधित जानकारी दी गई। साथ ही, बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापकर उनके पोषण स्तर का आकलन भी किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “सुपोषण रैली”, “पोषण चौपाल” और “घर-घर संपर्क अभियान” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर पोषण आहार प्रदर्शनी लगाकर सस्ते और पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग की जानकारी दी।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि कुपोषण को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
पोषण पखवाड़ा के माध्यम से जिले में यह संदेश दिया जा रहा है कि हर परिवार पोषण के महत्व को समझे और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए। यह अभियान न केवल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि एक सशक्त और स्वस्थ समाज की नींव भी रखता है।


0 Comments