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सिस्टम से त्रस्त छोटे ठेकेदार ने दी आत्मघाती कदम की चेतावनी

 सिस्टम से त्रस्त छोटे ठेकेदार ने दी आत्मघाती कदम की चेतावनी


“मजदूरों का हक दिया, अब अपने ही भुगतान के लिए भटक रहा हूं”


मंगठार। संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंहपुर में कार्य कर चुके एक छोटे ठेकेदार ने विभागीय अधिकारियों पर रिश्वत मांगने, भुगतान रोकने और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। आर्थिक संकट और लगातार हो रही परेशानियों से टूट चुके ठेकेदार ने न्याय न मिलने पर आत्मघाती कदम उठाने तक की चेतावनी दी है।

ऑफिस क्लीनिंग सर्विसेज–1 के अंतर्गत कार्य करने वाले एम के ट्रेडर्स बिरसिंहपुर के प्रोपराइटर मकबूल खान का आरोप है कि उनका लगभग ₹3 लाख 15 हजार का वैध भुगतान लंबे समय से जानबूझकर रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्विसेज–1 के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र कुमार सिंह बघेल द्वारा भुगतान के एवज में ₹15 हजार रिश्वत की मांग की गई।

पीड़ित ठेकेदार के अनुसार, जब उन्होंने कई बार भुगतान जारी करने की मांग की तो उन्हें कथित रूप से कहा गया—

जहां शिकायत करना हो कर दो, बिना पैसा बिल पास नैहीं। होगा।”

मकबूल खान ने बताया कि विभागीय निर्देशों के तहत उन्होंने मजदूरों का लगभग 15 माह का बढ़ा हुआ एरियर्स भुगतान कर्ज लेकर किया, ताकि श्रमिकों का हक न मारा जाए। लेकिन अब वही ईमानदारी उनके लिए भारी पड़ रही है। भुगतान अटकने से उन पर कर्जदाताओं का दबाव बढ़ गया है और परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

उन्होंने शिकायत आवेदन में कहा है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक बर्बादी ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया है। यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे किसी आत्मघाती कदम के लिए मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी और विभागीय लापरवाही की होगी।

स्थानीय श्रमिकों और सूत्रों का आरोप है कि छोटे ठेकेदारों और मजदूरों के साथ लंबे समय से भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। आरोप यह भी है कि प्रभावशाली कंपनियों के मामलों में विभाग नरम रुख अपनाता है, जबकि छोटे संविदाकारों को दबाव और प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।

इस पूरे मामले ने सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और छोटे ठेकेदारों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि अपने मेहनत के पैसे पाने के लिए भी रिश्वत देनी पड़े, तो यह व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

विभाग का पक्ष

इस संबंध में हरिकृष्ण त्रिपाठी ने कहा—

“मुझे शिकायत प्राप्त हुई है जिसकी जांच करवाई जाएगी और ईमानदारी से कार्य करने वाले किसी भी श्रमिक या ठेकेदार के साथ किसी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

वहीं मंजीत सिंह ने कहा—

“आप मुझे डिटेल्स भेजें, उचित कार्यवाही की जाएगी। हालांकि वहां मुख्य अभियंता हैं जो पूरे मामले को देखेंगे।”

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